ट्रेड प्लान विकसित करना

FX Scouts Jeffrey Cammack द्वारा अपडेटेड: 24 09 19

आपके पास ट्रेडिंग प्लान होना एक ट्रेडर के रूप में आपको परिभाषित करेगा। यह आपको अपने कारोबार को स्थापित करने और उसकी निगरानी करने में मदद करता है, यह आपको अपने ट्रेड में एंट्री और एग्जिट करने में मदद करता है, स्थिरता देता है और कारोबारी अवसरों को तलाशने की आपकी क्षमता बढ़ाएगा। इससे आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी जिसके कारण आप ट्रेडिंग करियर शुरू कर रहे हैं। ट्रेडिंग प्लान को विकसित करने से आपको यह सोचने का मौका मिलेगा कि आप किस प्रकार के व्यापारी हैं, किस प्रकार का कारोबार आपको करना है, आपको दिन के किस वक्त व्यापार करना है, और यह सुनिश्चित करेगा कि ये सभी बिंदु इकट्ठे आपको उन लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करें जिसके लिए आपने कारोबार शुरू किया था।

यदि आप एक पेशेवर ट्रेडर बनने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार में अपने पैर रखने से पहले एक ट्रेड प्लान विकसित करना आपका पहला कदम होना चाहिए।

आप किस किस्म के ट्रेडर हैं?

आपकी ट्रेडिंग योजना का दूसरा घटक है, आप किस किस्म का ट्रेडर बनने वाले हैं?

स्कैल्पर (The Scalper) – स्कैल्पर अक्सर बहुत ही कम समय के लिए ट्रेड खुली रखता है।

डे ट्रेडर (The Day Trader) – इस ट्रेडर के सभी पोजीशन हर दिन के आखिर में बंद कर दिये जाते हैं। कोई भी पोजीशन रात भर के लिए खुला नहीं रखा जाता है, और प्रत्येक दिन को एक अलग ट्रेडिंग डे के रूप में लेते हैं।

स्विंग ट्रेडर (The Swing Trader) – यह व्यापारी एक समय में व्यापार को कई दिन के लिए खुला रखता है – मध्यम अवधि के लिए और बाजार की सामान्य उतार-चढ़ाव से लाभ लेता है।

पोजीशन ट्रेडर (The Position Trader) – यह वह व्यापारी है जो सभी पोजीशन को संभावित सबसे लंबे समय तक खुला रखता है। एक बार निवेश किए जाने के बाद, पोजीशन को महीनों या वर्षों तक खुला रखा जा सकता है। आप देख सकते हैं, इनमें से प्रत्येक ट्रेडर दूसरों से अलग हैं। प्रत्येक के लिए लक्ष्य, जोखिम संभावना और समय की प्रतिबद्धता अलग-अलग होती है। हालांकि इनमें से प्रत्येक व्यापारी बाजार में व्यापार कर रहा है, जो उन्हें एक-दूसरे से सबसे अलग बनाता है, वह है, वह समय जिसके लिये वह अपनी ट्रेड जो खुला रखता है। Trader type and time trades are kept open

प्रत्येक ट्रेडर कैसे ट्रेड करता है?

स्कैल्पर: यह व्यापारी है जो कैल्पिंग में संलग्न है, जो भारी जोखिम लेकिन उतने ही ऊँचे इनाम वाला कारोबार है, और वास्तव में एक्सपर्ट व्यापारियों के लिए है जो अनुभव रखते हैं। दिन बहुत सक्रिय कारोबार से भरा होता है और व्यापारियों को ट्रेड से एग्जिट करने के लिए सही समय जानने के लिए चार्ट की निगरानी करने की आवश्यकता होती है। यह बहुत तेज रफ़्तार ट्रेड है, लगातार शुरू और बंद होते छोटे-छोटे ट्रेड के साथ। अगर आप बाजार के खुले होने के दौरान कारोबार करना चाहते हैं, तो आपके लिए तह बहुत अच्छा है। इस प्रकार का ट्रेड शायद उन कारोबारियों के लिए सबसे अच्छा विचार नहीं है, जो आसानी से दबाव में आ जाते हैं, या वे व्यापारी जिनके पास चार्ट देखने का समय नहीं होता है – जैसे हममें से वे जिनके पास दिन का जॉब है जिसमें हमें ध्यान लगाने की ज़रूरत है।

डे ट्रेडर: यह व्यापार स्कैल्पिंग से थोड़ा कम जोखिम भरा है, और उन लोगों के लिए जो हर दिन के अंत में अपने फायदे/ नुकसान को देखना पसंद करते हैं। फिर, यह फोरेक्स ट्रेडिंग में नए कदम रखने वालों के लिए नहीं है, न ही उन व्यापारियों के लिए जो काम पर रहने के दौरान अपने ट्रेड को छोड़ देने की उम्मीद रखते हैं। यह विकल्प उन व्यापारियों के लिए भी अच्छा है जो सप्ताह के हर दिन व्यापार नहीं कर सकते लेकिन फिर भी ट्रेड में एक पूरा दिन दे सकते हैं।

स्विंग ट्रेडर: शुरुआती व्यापारी के लिए यह बहुत बेहतर है जब तक दो-एक दिनों के लिए अपने खाते की प्रगति की निगरानी करने में कोई समस्या न हो। एक व्यापारी के लिए यह अवसर है, कम लेकिन बेहतर ट्रेड करने का जो जो वास्तव में उन व्यापारियों के लिए उपयुक्त है जो इसके बारे में सीख रहे हैं। यदि आप लंबे ट्रेड कर रहे हैं, और बाजार में स्विंग से मुनाफा कमाने की उम्मीद कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास एक अच्छी तरह से वित्त पोषित अकाउंट है, जिससे ब्रोकर से आपको उस समय मार्जिन कॉल न मिले जब ट्रेड बंद करना आपके लिए नुकसानदेह हो।

पोजीशन ट्रेडर: यह व्यापारी वह व्यक्ति होता है जिसके पास कम समय होता है – केवल व्यापार की निगरानी और शुरुआती रिसर्च करने का समय भर होता है। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो लंबे समय तक यात्रा करते हैं जिनका उपयोग रिसर्च के लिए किया जा सकता है। इसका नकारात्मक पक्ष यह है कि आपके अकाउंट का बहुत सारा हिस्सा ज्यादातर समय ट्रेड में लॉक हो जाएगा। इस तरह के व्यापार में फंडामेंटल महत्वपूर्ण हैं और इस ट्रेड का कोई तकनीकी पहलू नहीं हैं, क्योंकि इस ट्रेड का लक्ष्य प्रमुख रुझानों का अनुसरण करना है, करेंसी के मामूली उतार-चढ़ाव का नहीं। आपको धीरज रखने की आवश्यकता होगी क्योंकि बाजार अल्प अवधि के लिए आपके खिलाफ जाएगा, और इन अस्थायी नुकसान का सामना करने के लिए आपको बड़ी मात्रा में पूंजी की आवश्यकता होगी। स्विंग ट्रेडर की तरह सुनिश्चित करें कि आपके खाते में पर्याप्त मार्जिन हो क्योंकि मार्जिन कॉल आपको ट्रेड के गलत बिंदु पर आपको इससे बाहर खींच सकता है।

आपके पास ट्रेड करने का समय कब होता है?

प्रत्येक व्यापारी के पास ट्रेड करने के लिए पसंदीदा करेंसी पेयर होगी और वे अलग-अलग बाजारों में व्यापार करना पसंद करेंगे। पांच दिनों के कार्य सप्ताह में बाजार निश्चित अवधि के लिए खुले रहते हैं, इसलिए बाजारों के साथ अपने ट्रेड टाइप और रणनीतियों से मेल होना महत्वपूर्ण है। अधिकांश इंडोनेशियाई लोगों के लिए व्यापार करने का सबसे अच्छा समय दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे के बीच है। इससे आपको टोक्यो सेशन के अंत, लंदन सेशन की शुरुआत और न्यूयॉर्क सेशन की शुरुआत में व्यापार करने का मौका मिलेगा, जिसके लिए आप तैयार हो सकते हैं। व्यापारी उस समय सफल होते हैं जब बाजार सबसे ज्यादा वोलेटाइल होते हैं, और यह ट्रेडिंग डे का सबसे वोलेटाइल समय होता है।

फोरेक्स ट्रेड क्यों कर रहे हैं? आपकी ट्रेड का लक्ष्य क्या हैं?

हम क्यों कुछ चाहते हैं, वह हममें बेहतर बनने की इच्छा जगाता है और चुनौतीपूर्ण समय के दौरान हमें जुनूनी बना देता है। कुछ हासिल करने के लिए आपके पास जितने ज्यादा कारण होंगे, आपके सफल होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।

अपना ट्रेडिंग प्लान अमल में लाना

सकारात्मक आदतें विकसित करें

सकारात्मक आदतों को विकसित करना महत्वपूर्ण है जो प्रत्येक ट्रेडिंग डे पर निर्भर होंगे। ये चीजें हैं जिन्हें हमें अपने जेहन को सही हाल में रखने और बेस्ट ट्रेड कर पाने के लिए हमें दिन करने की ज़रूरत है। सफल व्यापार दरअसल बिना भावनाओं के हस्तक्षेप के बार-बार उसी चीज को दोहराना है, जिसने कल आपको पैसा बनाने में मदद की थी।

उस ट्रेडिंग रणनीति को जानें जो आपके लिए कारगर है

आपके पास ट्रेडिंग स्ट्रेट्जी होनी चाहिए। यह ट्रेड में एंट्री और एग्जिट करने की आपकी योजना है। आपकी ट्रेडिंग योजना का यह हिस्सा किसी ट्रेड में प्रवेश करने आपके नियमों को परिभाषित करेगा, आप कौन से पैटर्न पर ट्रेड करने जा रहे हैं और दिन के किस समय आप अपने ट्रेड को करना चाहिए। हमारे शिक्षा खंड में रणनीति के बारे हमारे पास बहुत सारे लेख हैं, इसलिए मैं यहां ज्यादा विस्तार में नहीं जाऊंगा।

पैसा और जोखिम प्रबंधन

धन और जोखिम प्रबंधन हर सफल ट्रेड प्लान की बुनियाद है। जोखिम प्रबंधन का सम्बन्ध आपके व्यापार में प्रवेश करने के नियमों, एग्जिट नियमों, पोजीशन साइज़, जोखिम और पुरस्कार के अनुपात से है। मनी मैनेजमेंट को तीन हिस्सों में तोड़ा जा सकता है।

  • सबसे पहले, अपने जोखिम की योजना बनाएं। यह बताता है कि किसी भी पोजीशन में हम कितना जोखिम उठाने के इच्छुक हैं। यह एक निजी पसंद जिसका सम्बन्ध आपके जोखिम के प्रति सहनशीलता के साथ है। आम तौर पर सलाह दी जाती है कि किसी ट्रेड में अपने ट्रेडिंग कैपिटल के 1-2% से ज्यादा जोखिम नहीं लेनी चाहिए।
  • दूसरा, अपने स्टॉप लॉस का मैनेजमेंट करें। यदि विश्लेषण गलत हो, तो ट्रेड से बाहर निकलने के लिए यह आपका तरीका है।
  • अंत में, आपको विविधीकरण (diversification) की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करता है कि आप एक ही व्यापार में एक-दूसरे से जुड़ी हुई करेंसी पेयर कारोबार करते हुए ओवरवेट न हो जाएँ, क्योंकि इससे आपके लिए जोखिम ज्यादा फैल जाता है।

ट्रेड प्लान से तालमेल

अपनी ट्रेड प्लान से अच्छा तालमेल आपके लिए अहम है। इसमें बैक टेस्टिंग, फॉरवर्ड टेस्टिंग शामिल है ताकि आप अपनी रणनीति की प्रत्याशा और रिकॉर्ड रख सकें और आप समय के साथ अपने ट्रेड प्रदर्शन की निगरानी कर सकें। यह ज़रूरत होने पर आपकी रणनीति में फेरबदल करने में मदद करेगा। इस व्यापार में आपकी लंबी अवधि तक बने रहने के लिए ट्रेड प्लान का यह हिस्सा महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाजार में केवल एक चीज की स्थिरता है, वह यह कि बाजार लगातार बदल रहां है। इसलिए आपको अपनी रणनीति को बेहतर बनाने और इसे बार-बार अपडेट करने की आवश्यकता होगी। मैं सुझाव दूंगा, ट्रेडिंग के लिए आबंटित अपने समय के हिसाब से हर 3-6 महीने में अपनी ट्रेडिंग योजना की समीक्षा करें। यदि आपको लगता है, आप अधिक अनुभवी हैं तो आप कम अवधि पर व्यापार शुरू करना चाहेंगे या उन करेंसी पेयर को बढ़ाना चाहेंगे जिनमें आप ट्रेड करते हैं। भले ही आप अपनी योजना को अपडेट करते हैं या नहीं, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए आपका निपटान आपकी योजना की लाइन पर है, आपको बार-बार इसकी समीक्षा करनी चाहिए।

Share your knowledge

फीचर्ड ब्रोकर

फॉरेक्स और CFD की ट्रेडिंग सभी निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं होती है और लीवरेज के कारण तेजी से पैसा गंवाने का हाई रिस्क लिए होती है। 75-90% रिटेल इन्वेस्टर इन प्रोडक्ट में ट्रेडिंग करते हुए पैसा गंवाते हैं। आपको यह तय करना चाहिए कि क्या आप समझते हैं कि CFD ट्रेडिंग कैसे काम करती है और क्या आप पैसा गंवाने का भारी जोखिम उठाने की स्थिति में हैं।